राहुल बनर्जी की अंतिम यात्रा में मिट गईं सियासी दूरियां! विजयगढ़ में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से विदाई

कहते हैं कि एक सच्चा कलाकार अपनी कला और व्यक्तित्व से सबको जोड़ देता है, और अभिनेता राहुल बनर्जी की अंतिम यात्रा इसका जीवंत प्रमाण रही। सोमवार को जब राहुल का पार्थिव शरीर दीघा से कोलकाता के विजयगढ़ स्थित उनके निवास पर लाया गया, तो वहां का दृश्य हृदयविदारक था। हालांकि राहुल एक विशेष राजनीतिक विचारधारा में विश्वास रखते थे, लेकिन उनके अंतिम दर्शन के लिए हर दल के नेता और हर क्षेत्र के कलाकार वहां पहुंचे। विजयगढ़ की गलियों में अपने चहेते सितारे को विदाई देने के लिए लोगों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि पुलिस को बैरिकेडिंग लगानी पड़ी।
राहुल के घर पर सुबह से ही सितारों का तांता लगा रहा। एक तरफ जहां मंत्री अरूप विश्वास और स्वरूप विश्वास पहुंचे, वहीं दूसरी तरफ वामपंथी नेता मोहम्मद सलीम, रॉबिन देब और कौस्तभ चटर्जी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। कला जगत से शाश्वत चटर्जी, अबीर चटर्जी, संगीतकार रूपम इस्लाम, और अभिनेत्री श्राबंती चटर्जी वहां मौजूद थे। श्राबंती ने राहुल के साथ ‘ठाकुरमार झूली’ सीरीज में काम किया था, उन्होंने भारी मन से अपनी यादें साझा कीं। पटकथा लेखक पद्मनाभ दासगुप्ता और अभिनेता जयजीत बनर्जी खुद को संभाल नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े।
अभिनेत्री उषासी चक्रवर्ती ने राहुल को याद करते हुए फिर कहा कि इस दौर में जहां लोग सच बोलने से डरते हैं, राहुल अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर बात करने का साहस रखते थे। रविवार को तालसारी में एक शूटिंग के दौरान हुए हादसे में राहुल की जान चली गई थी। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, डूबने के कारण उनकी मृत्यु हुई। फूलों से सजी गाड़ी में राहुल का पार्थिव शरीर उनके घर से केओरातला श्मशान घाट के लिए रवाना हुआ, जहां पूरे राजकीय सम्मान और गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। टॉलीवुड ने आज न केवल एक अभिनेता, बल्कि एक बुलंद आवाज को खो दिया है।