जून से मेगा अभियान: 2 करोड़ बच्चों को लगेगा खसरे का टीका, संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

बांग्लादेश में बच्चों के बीच खसरे (Measles) के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने टीकाकरण नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सोमवार (30 मार्च) को स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की कि अब बच्चों को खसरे का पहला टीका 9 महीने के बजाय 6 महीने की उम्र में ही दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए छोटे बच्चों को जल्द सुरक्षा देना अनिवार्य हो गया है। स्वास्थ्य निदेशालय के निदेशक हलीमुर रशीद ने बताया कि जून के पहले सप्ताह से एक महीने का विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत 2 करोड़ बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है।
डॉक्टरों के अनुसार, खसरा एक घातक वायरल बीमारी है जो फेफड़ों और मस्तिष्क को प्रभावित कर सकती है। डॉ. सियाम मुअज्जम ने बताया कि कुपोषित बच्चों और विटामिन-ए की कमी वालों में इसका खतरा अधिक होता है। हालांकि टीका 90-95% प्रभावी है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में टीका लगने के बाद भी हल्के लक्षण दिख सकते हैं। खसरे की जटिलताओं में निमोनिया, गंभीर दस्त और कान का संक्रमण शामिल है, जो कभी-कभी जानलेवा भी हो सकता है।
लक्षण और बचाव: खसरे की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शरीर पर लाल दाने (Rashes) निकलने से 3-5 दिन पहले ही संक्रमण फैलना शुरू हो जाता है। यदि बच्चे को तेज बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना और आंखें लाल होने जैसी समस्या हो, तो उसे तुरंत अन्य बच्चों से अलग कर देना चाहिए। यह वायरस हवा के जरिए (खांसी और छींक) बहुत तेजी से फैलता है। माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे बच्चों की साफ-सफाई पर ध्यान दें और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।