कूचबिहार में कोहराम! वोटर लिस्ट से हजारों नाम गायब, क्या आप भी हो गए ‘बेगाने’?

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में सोमवार सुबह से ही तनाव का माहौल है। रविवार रात जैसे ही मतदाता सूची की चौथी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी हुई, जिले के हजारों लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इस सूची में ‘डिलीटेड’ (हटाए गए) कॉलम में हजारों नाम शामिल होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने कूचबिहार के विभिन्न हिस्सों को बंधक बना लिया है। घुघुमारी, दिनहाटा के नयारहाट, बामनहाट और माथाभांगा के आठपुकुरी जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पेड़ की टहनियां गिराकर और टायर जलाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात पर है कि वे दशकों से, यहां तक कि रियासत काल से इसी मिट्टी के निवासी हैं। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को राजाओं के जमाने के जमीन के कागजात और 1966 की पुरानी वोटर लिस्ट दिखाते हुए सवाल किया कि आखिर किस आधार पर उनका नाम काट दिया गया है। उनका आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश है। पहले उनके नामों को ‘सुनवाई’ के लिए रखा गया, फिर उसे ‘विचाराधीन’ (Under Consideration) श्रेणी में डाला गया और अंत में सूची से पूरी तरह बाहर कर दिया गया।
इस मुद्दे पर बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। निवर्तमान विधायक उदयन गुहा ने इसे एक गहरी साजिश करार देते हुए कहा कि जब लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार छीना जाता है, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाते हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने इसे घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई बताया है। भाजपा जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन के अनुसार, मतदाता सूची से केवल उन्हीं नामों को हटाया गया है जो फर्जी थे या जो घुसपैठिए थे। फिलहाल, भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोग अपना नाम वापस जोड़ने की मांग पर अड़े हुए हैं।