पूर्व रेलवे ने रचा इतिहास! कबाड़ बेचकर कमा डाले 600 करोड़ रुपये, टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड

वित्तीय वर्ष 2025-26 पूर्व रेलवे के लिए उपलब्धियों भरा रहा है। बेकार और अनुपयोगी संपत्तियों के सही प्रबंधन के कारण पूर्व रेलवे ने इस साल 30 मार्च तक स्क्रैप (कबाड़) बेचकर 600 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 537 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान है।
‘जीरो स्क्रैप मिशन’ की सफलता: यह सफलता पूर्व रेलवे के ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ का परिणाम है, जिसका उद्देश्य बेकार पड़ी वस्तुओं का संचय कम करना और आय बढ़ाना है। मुख्य सामग्री प्रबंधक (Chief Material Manager) श्री संदीप शुक्ला के कुशल मार्गदर्शन में साल भर नियमित नीलामी आयोजित की गई। रेल प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से कबाड़ का निपटारा किया, जिससे न केवल रेलवे परिसर साफ हुए बल्कि भारी आय भी हुई।
महाप्रबंधक का बयान: पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर ने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि स्क्रैप भले ही बेकार संपत्ति लगे, लेकिन समय पर इसका निपटारा राजस्व का बड़ा जरिया बन सकता है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सभी विभागों और कार्यशालाओं के कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व रेलवे भविष्य में भी अपनी कार्यकुशलता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।