बागदा में ‘ननद बनाम भाभी’ की जंग! ठाकुरबाड़ी की विरासत के लिए टकराएंगी सोमा और मधुपर्णा!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के लिए राजनीतिक पारा अपने चरम पर है। उत्तर २४ परगना के बागदा निर्वाचन क्षेत्र में इस बार चुनावी मुकाबला किसी सामान्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से कहीं अधिक व्यक्तिगत हो गया है। यहाँ की लड़ाई अब ‘ननद बनाम भाभी’ के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई है। भाजपा ने केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी सोमा ठाकुर को मैदान में उतारा है, जिनका सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मौजूदा विधायक और ममता ठाकुर की बेटी मधुपर्णा ठाकुर से है।
मंगलवार को भाजपा द्वारा जारी १३ उम्मीदवारों की सूची ने बागदा की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। सोमा ठाकुर का नाम सामने आते ही यह साफ हो गया है कि भाजपा मतुआ समुदाय के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करना चाहती है। सीएए (CAA) के क्रियान्वयन और मतुआ समुदाय की नागरिकता से जुड़ी चिंताओं के बीच भाजपा ने ठाकुरबाड़ी की बहू पर दांव खेला है।
सोमा ठाकुर ने अपनी उम्मीदवारी पर कहा, “राजनीति और परिवार को मिलाना गलत होगा। चुनाव का मैदान अलग है और घर का रिश्ता अलग। बागदा हमेशा से भाजपा का गढ़ रहा है और हमें विश्वास है कि यहाँ की जनता फिर से विकास को चुनेगी।”
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की मधुपर्णा ठाकुर ने २०२४ के उपचुनाव में जीत हासिल कर भाजपा के इस गढ़ में सेंध लगाई थी। मधुपर्णा अपनी भाभी सोमा के खिलाफ मुकाबले को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन चुनावी मैदान में कोई समझौता नहीं होगा। अब तक मैं अकेली प्रचार कर रही थी, लेकिन अब मुकाबला कड़ा और रोचक होगा। बागदा की मिट्टी तृणमूल के साथ है।”
जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, मतुआ समुदाय के मन में क्या है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। क्या मतदाता अपनी ‘बेटी’ मधुपर्णा को दोबारा चुनेंगे या ‘बहू’ सोमा ठाकुर के साथ भाजपा की वापसी कराएंगे? इसका फैसला बागदा की जनता के हाथ में है।