ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला! प्लास्टिक, दवा और कपड़ा अब होगा सस्ता!

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के बाधित होने का सीधा असर भारत पर भी पड़ रहा है। इसी संकट को भांपते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने और घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए सरकार ने इन उत्पादों पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और सीमा शुल्क (Customs Duty) को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह छूट मुख्य रूप से उन कच्चे माल पर दी गई है जिनका उपयोग प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल (दवा), केमिकल और ऑटोमोटिव पार्ट्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है। सरकार का उद्देश्य इस युद्ध काल में उद्योगों की उत्पादन लागत को कम करना है ताकि आम जनता पर महंगाई का बोझ न पड़े। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह छूट फिलहाल 30 जून, 2026 तक लागू रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर रसायनों और पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की कमी हो गई है। ऐसे में अगर सरकार टैक्स में कटौती नहीं करती, तो दवाओं से लेकर रोजमर्रा के प्लास्टिक सामानों तक की कीमतें आसमान छू सकती थीं।

इन उत्पादों पर मिलेगी टैक्स छूट: छूट की सूची में एनहाइड्रस अमोनिया, मेथनॉल, टोल्यूनि, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल, फिनोल, एसिटिक एसिड और प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड जैसे महत्वपूर्ण रसायन शामिल हैं। इसके अलावा पॉलीइथाइलीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), पॉलीकार्बोनेट और एपॉक्सी रेजिन जैसे उत्पादों को भी इस राहत के दायरे में रखा गया है।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि यह “लक्षित राहत” (Targeted Relief) उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक पर निर्भर हैं। सरकार के इस फैसले से न केवल औद्योगिक उत्पादन को गति मिलेगी, बल्कि वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय बाजार में स्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट के युद्ध पर टिकी हैं, और भारत सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव सुरक्षा कवच तैयार कर रही है।

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