FIFA World Cup 2026: फाइनल मैच की टिकट हुई 10 लाख के पार, क्या आम आदमी देख पाएगा मैच?

फुटबॉल के महाकुंभ यानी फीफा वर्ल्ड कप को लेकर दुनिया भर के प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। 48 टीमों के नाम तय होने और टूर्नामेंट का शेड्यूल सामने आने के बाद से ही फैंस अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने मिडिल क्लास फुटबॉल प्रेमियों को बड़ा झटका दिया है। फीफा ने वर्ल्ड कप फाइनल के टिकटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब फाइनल मैच देखना आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी: ताजा जानकारी के अनुसार, फीफा ने फाइनल मैच के लिए सबसे महंगे टिकट की कीमत बढ़ाकर 10,990 डॉलर (लगभग 10.19 लाख रुपये) कर दी है। इससे पहले दिसंबर में ड्रॉ के समय इसकी कीमत 8,680 डॉलर तय की गई थी। केवल प्रीमियम श्रेणी ही नहीं, बल्कि दूसरी और तीसरी श्रेणी की टिकटों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। दूसरी श्रेणी का टिकट अब 7,380 डॉलर का हो गया है, जबकि तीसरी श्रेणी के लिए फैंस को 5,785 डॉलर चुकाने होंगे। यह फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाना है।
विवाद का मुख्य कारण: डायनेमिक प्राइसिंग: टिकटों की इस भारी कीमत के पीछे ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ मॉडल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, टिकटों के दाम भी बढ़ते जाएंगे। फीफा के इस फैसले की कड़ी आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि फुटबॉल को ‘आम लोगों का खेल’ कहा जाता है, लेकिन इस तरह की व्यावसायिक नीतियों से इसे केवल अमीरों तक सीमित किया जा रहा है। टिकट खरीदने वाली वेबसाइटों पर लगने वाली लंबी वेटिंग लिस्ट ने भी प्रशंसकों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।
राजनीतिक हस्तक्षेप और फीफा का पक्ष: इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी कांग्रेस के 69 सदस्यों ने फीफा को पत्र लिखकर इस मूल्य वृद्धि पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि यह नीति खेल की भावना के खिलाफ है। दूसरी ओर, फीफा अपने स्टैंड पर कायम है और इसे एक वैध व्यावसायिक प्रक्रिया बता रहा है। साथ ही, टिकटों के पुनर्विक्रय (Resale) पर फीफा दोनों पक्षों से 15 प्रतिशत कमीशन भी वसूल रहा है। अब देखना यह होगा कि बढ़ते विरोध के बीच क्या कीमतों में कोई कमी आती है या नहीं।