चुनावी माहौल में मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक! अप्रैल के विशेष सत्र में पास होगा ‘महिला आरक्षण बिल’?

संसद का बजट सत्र समाप्त होने के कगार पर है, लेकिन दिल्ली के गलियारों में एक नई राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खबर है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल को लेकर बेहद गंभीर है और इसे पास कराने के लिए अप्रैल के मध्य में संसद का एक विशेष सत्र (Special Session) बुला सकती है। गुरुवार को राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।
किरेन रिजिजू का बड़ा बयान: विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए रिजिजू ने संकेत दिया कि अगले २-३ हफ्तों के भीतर सरकार विशेष सत्र बुलाकर इस बिल को पेश कर सकती है। चर्चा है कि १६ से १८ अप्रैल की समयसीमा में इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा और इसे पारित करने का प्रस्ताव सरकार के एजेंडे में है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह चुनाव से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की प्राथमिकता है।
विपक्ष का पलटवार: कांग्रेस ने इस कदम को पूरी तरह से ‘चुनावी लाभ’ लेने की कोशिश करार दिया है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार चुनाव में फायदा पाने के लिए यह विशेष सत्र बुला रही है। अगर नीयत साफ होती, तो मौजूदा बजट सत्र में ही इसे लाया जा सकता था।” जयराम रमेश ने जानकारी दी कि विपक्ष ने चुनाव के बाद २९ अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाने का सुझाव दिया है।
अब सबकी नजरें अप्रैल के दूसरे पखवाड़े पर टिकी हैं, जब संसद के विशेष सत्र के माध्यम से महिला आरक्षण बिल का भविष्य तय हो सकता है।