दुश्मनों की खैर नहीं! तकनीकी खराबी के बाद फिर उड़ान भरने को तैयार ‘तेजस’, भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा

करीब एक महीने के लंबे इंतजार के बाद भारतीय वायुसेना के भरोसेमंद ‘लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (LCA) तेजस को फिर से आसमान में दहाड़ने की मंजूरी मिल गई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डी.के. सुनील ने गुरुवार को पुष्टि की कि ‘लोकल मॉडिफिकेशन कमेटी’ ने अपनी समीक्षा पूरी कर ली है और विमानों को सेवा में वापस लाने की अनुमति दे दी है।

वापसी का पूरा प्लान: HAL प्रमुख के अनुसार, आगामी बुधवार तक सभी 36 तेजस विमानों को अंतिम क्लीयरेंस मिल जाएगी। हालांकि, नियमित उड़ान शुरू करने से पहले प्रत्येक विमान की ‘वन-टाइम चेकिंग’ की जाएगी। यह एक अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल है, जिसे HAL और वायुसेना संयुक्त रूप से संपन्न करेंगे। इस मंजूरी से वायुसेना के 45वें स्क्वाड्रन (‘फ्लाइंग डैगर्स’) और 18वें स्क्वाड्रन (‘फ्लाइंग बुलेट्स’) की युद्धक क्षमता एक बार फिर पूरी तरह से बहाल हो जाएगी।

क्यों रोकी गई थी उड़ान? 7 फरवरी को एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान लैंडिंग के समय एक तेजस विमान का ब्रेक फेल हो गया था। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान से छलांग लगा दी और अपनी जान बचाई, लेकिन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद वायुसेना ने एहतियात के तौर पर करीब 30 सिंगल-सीटर तेजस विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी थी ताकि किसी भी संभावित यांत्रिक गड़बड़ी की जांच की जा सके।

स्वदेशी तकनीक से निर्मित तेजस भारतीय वायुसेना का ‘ब्रह्मास्त्र’ माना जाता है। रक्षा मंत्रालय ने पहले ही HAL को 83 और बाद में 97 और तेजस विमानों का ऑर्डर दिया है। तेजस की वापसी भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम की मजबूती और विश्वसनीयता का प्रतीक है।

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