बंगाल में युवाओं की चांदी! २४ से ४० साल के पुरुषों को मिलेगा मासिक भत्ता, मुख्यमंत्री ने दूर की सारी उलझनें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक और बड़ा दांव खेला है। महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ की अपार सफलता के बाद, अब राज्य सरकार ने बेरोजगार पुरुषों के लिए ‘युवासाथी’ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के बेरोजगार युवाओं को प्रति माह १५०० रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाएगी। कन्याश्री, रूपाश्री और युवश्री के बाद, ‘युवासाथी’ को ममता सरकार का सबसे बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

युवासाथी योजना का विवरण: इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की आयु २४ से ४० वर्ष के बीच होनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को इस राशि से थोड़ी राहत मिल सके। हालांकि, योजना शुरू होते ही भुगतान को लेकर कुछ विवाद भी सामने आए हैं। कई युवाओं ने शिकायत की है कि आवेदन करने के बावजूद उनके खातों में पैसे नहीं पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा? इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ किया कि तकनीकी कारणों और डुप्लीकेट आवेदनों की वजह से भुगतान में देरी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन्होंने आवेदन किया है लेकिन पैसे नहीं मिले हैं, उनके आवेदन पत्रों की जांच की जा रही है। एक ही व्यक्ति द्वारा कई बार फॉर्म भरने के कारण सिस्टम में जटिलता आई है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन युवाओं के फॉर्म सही पाए जाएंगे, उन्हें जल्द ही बुलाया जाएगा और सभी को उनका हक मिलेगा।

बंगाल में इस समय भत्तों की राजनीति चरम पर है। जहां एक ओर बीजेपी ३००० रुपये की ‘अन्नपूर्णा योजना’ का वादा कर रही है, वहीं ममता सरकार ने ‘युवासाथी’ के जरिए युवाओं को अपने पाले में करने की कोशिश की है। फिलहाल, नबन्ना (सचिवालय) इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है ताकि चुनाव से पहले ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक इसका लाभ पहुंच सके।

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