ममता सरकार के ४% डीए का क्या हुआ? चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, पूछा- कहां है पैसा?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (Assembly Election) की दहलीज पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फरवरी की शुरुआत में ममता सरकार ने अंतरिम बजट में ४ प्रतिशत डीए बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अप्रैल का महीना शुरू होने के बावजूद अब तक इसका कोई अता-पता नहीं है। कॉन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के महासचिव मलय मुखर्जी ने सरकार पर तंज कसते हुए पूछा है, “क्या बढ़ा हुआ डीए ‘मां के भोग’ में चला गया?”
वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट में घोषणा की थी कि बढ़ा हुआ डीए १ अप्रैल से लागू होगा। वर्तमान में कर्मचारी छठे वेतन आयोग के तहत १८% डीए पा रहे हैं, जिसे बढ़ाकर २२% किया जाना था। मलय मुखर्जी का कहना है कि १० अप्रैल बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। आमतौर पर १४-१५ अप्रैल तक वेतन बिल जमा हो जाते हैं, ऐसे में बिना नोटिफिकेशन के बढ़ा हुआ पैसा मिलना असंभव लग रहा है।
चुनाव से ठीक पहले सरकार की इस चुप्पी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। बजट में सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन का जिक्र भी किया गया था, लेकिन उस पर भी अब तक कोई अपडेट नहीं है। कर्मचारियों का आरोप है कि चुनाव में लाभ लेने के लिए केवल घोषणाएं की गई थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। अब देखना यह है कि मतदान से पहले सरकार इस नाराजगी को दूर करने के लिए कोई कदम उठाती है या नहीं।