20-20 हज़ार में खरीदते थे बैंक अकाउंट! राजगढ़ पुलिस ने दबोचा कमीशन बेस पर फ्रॉड की राशि खपाने वाला गैंग

अलवर जिले की राजगढ़ थाना पुलिस ने साइबर ठगों के ख़िलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो भाई-बहन समेत सात आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। यह गैंग कमीशन बेस पर लोगों से बैंक खाते किराए पर लेता था और उन्हें आगे साइबर फ़्रॉड की राशि खपाने के लिए बड़े गिरोह को उपलब्ध कराता था।

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों में लगभग 2 करोड़ 6 लाख रुपए की साइबर फ़्रॉड की राशि का लेन-देन पाया गया है। इनके कब्ज़े से 30 एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, दो चेक बुक और हिसाब-किताब की दो डायरियां बरामद हुई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में चार अलवर और तीन उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाओं के खाते का इस्तेमाल:

पुलिस कोर्डिनेशन पोर्टल पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा और पंजाब एंड सिंध बैंक में साइबर फ़्रॉड की करीब 40 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिसके आधार पर खातों की केवाईसी खंगाली गई। पंजाब एंड सिंध बैंक की खाताधारक की पहचान प्रिया मीणा और बैंक ऑफ़ बड़ौदा की सोनिया मीणा के रूप में हुई। ये दोनों अलवर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के फ़िरोजपुर खालसा गांव की रहने वाली हैं और अलवर के काली मोरी में ‘सोनी ब्यूटी पार्लर’ के नाम से एक फर्म चलाती हैं।

जांच में पता चला कि फ़िरोजपुर खालसा निवासी संजय मीणा (सोनिया का भाई) और अनिल मीणा ने ऑनलाइन ट्रेडिंग की राशि सेटल करने के लिए प्रिया और सोनिया से उनके खाते 20-20 हज़ार रुपये में खरीदे थे। इन्होंने ये खाते फ़ंड घोटाले के मास्टरमाइंड कपिल सिंह, मृदुल कुमार और अनिल सिंह को बेच दिए थे।

ऑनलाइन ट्रेंडिंग से होता था लेन-देन:

पुलिस ने सोनिया, प्रिया, अनिल और संजय को पहले गिरफ़्तार किया। बाद में, पुलिस ने यूपी निवासी मास्टरमाइंड कपिल, मृदुल और अनिल को भी गिरफ़्तार कर लिया। ये तीनों फ़र्जी तरीके से ऑनलाइन ट्रेडिंग कर उन रुपयों का लेन-देन ख़रीदे गए खातों में एडजस्ट करवाते थे। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की और गहनता से पूछताछ कर रही है।

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