IIT दिल्ली ने शुरू किया 6 महीने के AI कोर्स का रजिस्ट्रेशन, बिना JEE के ऐसे बनाएं डेटा साइंस में एक्सपर्ट करियर
आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने एप्लाइड डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए दूसरे बैच का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। यह कोर्स उन युवाओं और पेशेवरों के लिए बेहतरीन है जो AI और डेटा साइंस के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करके अपने करियर को नई ऊँचाई पर ले जाना चाहते हैं। ख़ास बात यह है कि इस शॉर्ट टर्म AI कोर्स के लिए जेईई (JEE) की ज़रूरत नहीं है।
यह प्रोग्राम आईआईटी दिल्ली के कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम (CEP) का हिस्सा है। 6 महीने का यह ऑनलाइन AI कोर्स 4 अक्टूबर से शुरू होगा। इसकी पढ़ाई ऑनलाइन डायरेक्ट-टु-डिवाइस (D2D) फ़ॉर्मेट में होगी, जिससे स्टूडेंट्स कहीं से भी लाइव इंटरेक्टिव क्लास में भाग ले सकते हैं।
IIT दिल्ली के AI कोर्स में क्या है ख़ास?
आईआईटी दिल्ली के इस शॉर्ट टर्म AI कोर्स में उद्योग जगत की ज़रूरी चीज़ें सिखाई जाएंगी:
- पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा मैनिपुलेशन, एक्सप्लोरेटरी डेटा एनालिसिस।
- मशीन लर्निंग के मॉडलिंग कॉन्सेप्ट्स, डीप लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP)।
- क्लाउड प्लेटफॉर्म्स पर AI मॉडल का डिप्लॉयमेंट।
प्रतिभागी प्रैक्टिकल ट्यूटोरियल्स, असाइनमेंट्स और एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट के ज़रिए बेहतरीन अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। कोर्स पूरा होने पर आईआईटी दिल्ली की तरफ़ से ई-सर्टिफिकेट भी मिलेगा।
प्रवेश प्रक्रिया और योग्यता:
- योग्यता: दाखिले के लिए JEE या JAM स्कोर की आवश्यकता नहीं है। ग्रेजुएट या समकक्ष डिग्री वाले इसमें एडमिशन ले सकते हैं।
- आवेदन: आवेदन ऑनलाइन है। इच्छुक उम्मीदवार आईआईटी दिल्ली की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर फ़ॉर्म भर सकते हैं।
- चयन: उम्मीदवार का चयन इंटरव्यू या स्टेटमेंट ऑफ़ पर्पस (SOP) के आधार पर किया जा सकता है। यह कोर्स विशेष रूप से इंजीनियरिंग, रिसर्च और तकनीकी क्षेत्र के लोगों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।
कोर्स की अवधि और फ़ीस:
- अवधि: कोर्स लगभग 6 महीने का है, जिसमें कुल 72 घंटे के लाइव लेक्चर और 40 घंटे का कैपस्टोन प्रोजेक्ट शामिल है।
- फ़ीस: इस कोर्स की फ़ीस लगभग 1,69,000 रुपये (प्लस टैक्स) है, जो डिग्री या डिप्लोमा कोर्स की तुलना में काफ़ी किफ़ायती है। यह फ़ीस सभी लेक्चर, ट्यूटोरियल्स और प्रोजेक्ट वर्क को कवर करती है। इच्छुक प्रतिभागी मासिक किस्तों में भी फ़ीस जमा कर सकते हैं।
AI और डेटा साइंस में करियर क्यों है ज़रूरी?
मैकिंज़ी की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक लगभग सभी इंडस्ट्रीज़ डेटा-ड्रिवन हो जाएंगी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम का मानना है कि 86% नियोक्ता अगले कुछ सालों में AI टेक्नोलॉजी को बिज़नेस ऑपरेशंस में पूरी तरह बदल देगी। ऐसे में AI और डेटा साइंस में विशेषज्ञता हासिल करना युवाओं के लिए रोज़गार के नए रास्ते खोलता है और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करता है।