नर सेवा ही नारायण सेवा, सीएम योगी ने पल भर में दूर की कानपुर की बुजुर्ग महिला की चिंता, आयुष्मान कार्ड न होने पर भी शुरू करवाया मुफ्त इलाज
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानवीय और संवेदनशील रूप देखने को मिला। सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में कानपुर की एक बुजुर्ग महिला अपनी व्यथा लेकर पहुंची। 63 वर्षीय इस महिला ने रोते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि उनका जवान बेटा कैंसर से पीड़ित है, लेकिन गरीबी के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। परिवार के पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है।
सीएम ने तुरंत दिया मदद का आदेश
बुजुर्ग महिला की करुण पुकार सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीज को सरकारी एंबुलेंस से लखनऊ स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया जाए और उसका उपचार तुरंत शुरू किया जाए। सीएम के आदेश पर, युवक को बिना देर किए सीधे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी जांच और इलाज की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।
‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का किया उदहारण पेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर अपनी सरकार के सिद्धांत को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘नर सेवा को नारायण सेवा’ मानकर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इलाज के लिए कोई भी पीड़ित, चाहे स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी अन्य माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाता है, तो उसे हर संभव मदद दी जाती है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को परिवार मानकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
फरियादियों और बच्चों से व्यक्तिगत मुलाकात
सोमवार सुबह सीएम योगी ने ‘जनता दर्शन’ में 50 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनके प्रार्थना पत्र लिए और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान कई परिवार छोटे बच्चों को भी साथ लाए थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने दुलार दिया और प्यार से चॉकलेट-टॉफियां भेंट कीं।
दर-दर भटक रही कानपुर की इस गरीब मां के लिए यह नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संवेदनशील कदम ने साबित कर दिया कि जनसेवा और संवेदनशीलता ही उनकी सरकार की पहचान है।