Constable Recruitment Case: थम जाएगी नई नियुक्तियां? दोबारा फिजिकल टेस्ट की मांग कोर्ट ने ठुकराई!

पश्चिम बंगाल पुलिस में कांस्टेबल भर्ती को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में राज्य सरकार को बड़ी जीत मिली है। कोलकाता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की पीठ ने उन हजारों उम्मीदवारों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जो शारीरिक माप परीक्षण (PMT) के दौरान ऊंचाई कम होने के कारण अयोग्य घोषित किए गए थे। अदालत के इस फैसले से अटकी हुई भर्ती प्रक्रिया को अब नई गति मिलने की उम्मीद है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि लगभग 43,000 उम्मीदवारों को ‘ऑटोमैटिक स्टेडियो मीटर’ जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जांचा गया था, जिसमें त्रुटि की गुंजाइश न के बराबर है। न्यायमूर्ति सिन्हा ने अपने आदेश में कहा कि यदि कुछ उम्मीदवारों को दोबारा मौका दिया जाता है, तो इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया में नई जटिलताएं पैदा होंगी और यह बाकी उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अदालत दोबारा जांच का आदेश देती है, तो याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी, जिससे भर्ती में और देरी होगी। हाल ही में जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कुछ उम्मीदवारों की दोबारा जांच का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ राज्य पहले ही डिवीजन बेंच में जा चुका है। ऐसे में जस्टिस अमृता सिन्हा का यह ताजा फैसला ममता सरकार के लिए बड़ी कानूनी राहत लेकर आया है।

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