सृजन भट्टाचार्य जैसे नेता को किनारे क्यों किया गया? अलमुद्दीन स्ट्रीट में मची खलबली, प्रतीक उर का इस्तीफा

पश्चिम बंगाल में वामपंथी राजनीति के युवा चेहरे प्रतीक उर रहमान ने CPIM से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एबीपी आनंदा को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में प्रतीक ने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ लोग अपनी ‘व्यक्तिगत छवि’ को विचारधारा से ऊपर रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब केवल ‘जी हुज़ूरी’ (Yes Sir) करने वालों का ही बोलबाला है।

प्रतीक ने कहा कि दक्षिण २४ परगना के जिला सम्मेलन के दौरान उन्हें किसी खास नेता के पक्ष में हाथ उठाने के लिए मजबूर किया गया था। इनकार करने पर उन्हें डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र की बैठकों से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, “मैं कम्युनिस्ट पार्टी में किसी के सिखाए हुए बोल बोलने नहीं आया था।”

उन्होंने सृजन भट्टाचार्य जैसे कद्दावर युवा नेता को दरकिनार किए जाने पर भी सवाल उठाए। प्रतीक के अनुसार, ‘बांग्ला बचाओ यात्रा’ की सूची से सृजन का नाम गायब होना यह दर्शाता है कि पार्टी प्रतिभा की कदर नहीं कर रही है। उन्होंने मोहम्मद सलीम और जिला सचिव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य सचिव केवल अपने ‘पसंदीदा’ लोगों से घिरे रहते हैं और जो उनकी बात नहीं मानता, उसे हाशिए पर धकेल दिया जाता है। प्रतीक ने साफ किया कि वह जिस कम्युनिस्ट पार्टी का सपना देखते थे, यह वैसी बिल्कुल नहीं है।

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