AI Voice Cloning Scam: ‘माँ मुझे बचाओ’— क्या आपके पास भी आया ऐसा फोन? सावधान, ये आपकी आवाज नहीं, AI का जाल है!

भारत में साइबर अपराध का एक नया और डरावना चेहरा सामने आया है— AI वॉयस क्लोनिंग। हाल ही में दिल्ली की रहने वाली राधा देवी के पास एक फोन आया जिसमें उनकी बेटी की आवाज में मदद की गुहार लगाई गई। घबराकर उन्होंने 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी बेटी सुरक्षित थी। दरअसल, धोखेबाजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उनकी बेटी की आवाज को ‘क्लोन’ किया था।

कैसे हो रहा है यह धोखा? स्कैमर्स सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम या फेसबुक) से आपकी आवाज का मात्र 3 से 5 सेकंड का सैंपल लेते हैं। फिर एडवांस एआई टूल्स के जरिए आपकी हूबहू आवाज तैयार कर आपके रिश्तेदारों को फोन करते हैं। वे अक्सर एक्सीडेंट, किडनैपिंग या गिरफ्तारी का बहाना बनाकर पैसों की मांग करते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में ऐसे मामलों में 40% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

बचाव के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स: १. फैमिली कोड वर्ड: अपने परिवार के साथ एक गुप्त शब्द (Secret Word) तय करें। इमरजेंसी कॉल आने पर वह शब्द जरूर पूछें। २. पुष्टि करें: अनजान नंबर से कॉल आने पर घबराएं नहीं। फोन काटकर अपने परिजन के निजी नंबर पर कॉल करके सच्चाई जानें। ३. निजी सवाल पूछें: कॉल करने वाले से ऐसे सवाल करें जिनका जवाब सिर्फ घरवाले जानते हों। ४. प्रोफाइल लॉक रखें: सोशल मीडिया पर अपनी आवाज वाले वीडियो पब्लिक न रखें। ५. रिपोर्ट करें: किसी भी संदिग्ध कॉल की शिकायत तुरंत 1930 नंबर पर करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।

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