ईरान पर महायुद्ध की तैयारी! ट्रम्प का ‘मिशन तेहरान’ लीक, क्या 48 घंटे में शुरू होगी एयरस्ट्राइक?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। व्हाइट हाउस से आ रही खबरों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है—डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन इसी हफ्ते तेहरान पर हमले की शुरुआत कर सकता है। ट्रम्प का लक्ष्य केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना नहीं है, बल्कि तेहरान की सत्ता में बैठे अली खामेनेई शासन की जड़ें हिलाना है।
ट्रम्प का ‘रोडमैप’: दो चरणों में तबाही का ब्लूप्रिंट खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प ने ईरान को घुटनों पर लाने के लिए एक विशेष सैन्य योजना तैयार की है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है:
पहला चरण: सर्जिकल स्ट्राइक और चेतावनी पहले चरण में अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों और सरकारी दफ्तरों पर सीमित हवाई हमले करेगा। इसका उद्देश्य ईरान को यह चेतावनी देना है कि वह अपना यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) तुरंत बंद करे और हिजबुल्लाह व हूतियों जैसे संगठनों को फंडिंग देना बंद करे। यह हमला अगले दो दिनों के भीतर कभी भी शुरू हो सकता है। ट्रम्प चाहते हैं कि ईरान अपना सारा यूरेनियम देश से बाहर निकाल दे।
दूसरा चरण: ऑल-आउट अटैक और सत्ता परिवर्तन यदि ईरान पहली चेतावनी के बाद भी पीछे नहीं हटता, तो अमेरिका ‘फेस टू’ यानी पूर्ण सैन्य हमला शुरू करेगा। इस चरण में अमेरिका के बी-52 बमवर्षक और युद्धपोत सीधे ईरान के परमाणु केंद्रों को निशाना बनाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन का अंतिम लक्ष्य ईरान में 1979 से चली आ रही इस्लामिक सत्ता को उखाड़ फेंकना है। अमेरिकी रणनीतिकारों का मानना है कि वर्तमान ईरानी सरकार अब तक के सबसे कमजोर दौर से गुजर रही है, जिसका फायदा उठाया जा सकता है।
मध्य पूर्व में अमेरिकी फाइटर जेट्स और विमानवाहक पोतों की तैनाती ने संकेत दे दिया है कि इस बार मामला बातचीत से आगे निकल चुका है। क्या ट्रम्प का यह कदम दुनिया को एक नए विनाशकारी युद्ध की ओर ले जाएगा? अगले 3 दिन पूरी दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं।