पतंजलि का महा-धमाका! 3 साल में 1 लाख करोड़ की मार्केट कैप का लक्ष्य, बाबा रामदेव का बड़ा ऐलान
भारतीय उपभोक्ता बाजार (FMCG) में स्वदेशी का परचम लहराते हुए पतंजलि ने इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। बाबा रामदेव की अगुवाई वाली कंपनी पतंजलि फूड्स के मुनाफे में 60% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे कंपनी की कुल आय 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
शानदार मुनाफा और ग्रोथ: पतंजलि की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उनके दैनिक उपभोग की वस्तुओं (FMCG) को जाता है। आंकड़ों के अनुसार, केवल पिछली तिमाही में कंपनी ने रोजमर्रा के सामानों की बिक्री से 628 करोड़ रुपये की कमाई की है। विदेशी ब्रांडों के वर्चस्व वाले बाजार में पतंजलि ने आम भारतीय परिवारों के बीच अपनी एक अलग पहचान और भरोसा कायम किया है।
बाजार पूंजीकरण (Market Cap) का लक्ष्य: पतंजलि के भविष्य के बारे में बात करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैप लगभग 57,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने अगले तीन वर्षों के भीतर इसे बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह राह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन कंपनी की मौजूदा रफ़्तार को देखते हुए इस लक्ष्य को हासिल करना मुमकिन लग रहा है।
स्वदेशी बनाम विदेशी: रामदेव के अनुसार, अगले पांच वर्षों में पतंजलि देश की नंबर-1 एफएमसीजी कंपनी बन जाएगी। विदेशी कंपनियों के साथ कड़े मुकाबले के बावजूद, पतंजलि ने स्वदेशी उत्पादों के प्रति भारतीयों के लगाव का बखूबी फायदा उठाया है। कंपनी अब अपने विस्तार पर और अधिक जोर देने की योजना बना रही है, जिससे शेयर बाजार में भी पतंजलि फूड्स के शेयरों को लेकर निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है।