DA को लेकर बंगाल में आर-पार! कालीघाट मार्च को पुलिस ने रोका, अब १३ मार्च को ‘राज्य बंद’ का ऐलान
पश्चिम बंगाल में महंगाई भत्ते (DA) के बकाया भुगतान को लेकर ममता सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार को ‘संग्रामी जोउथो मंच’ के बैनर तले कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के आवास कालीघाट की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस टकराव के बाद गुस्साए कर्मचारियों ने १३ मार्च को पूरे राज्य में ‘पूर्ण हड़ताल’ (Complete Strike) का आह्वान किया है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और प्रशासन का मौन: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि राज्य सरकार को कर्मचारियों के बकाया डीए का १०० प्रतिशत भुगतान करना होगा। अदालत ने २५ प्रतिशत तुरंत देने और शेष के लिए ६ मार्च तक योजना पेश करने का निर्देश दिया था। हालांकि, समय सीमा करीब होने के बावजूद सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को और तेज कर दिया है।
भास्कर घोष का तीखा प्रहार: मंच के नेता भास्कर घोष ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में सुप्रीम कोर्ट का नहीं, बल्कि केवल एक व्यक्ति का कानून चलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “सेमीफाइनल खत्म हो चुका है, अब १३ मार्च को फाइनल मैच खेला जाएगा।” कर्मचारियों ने अब फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और सड़क पर बड़ी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।