सिक्किम में कुदरत का कहर! भारी बर्फबारी के बीच 13 बार आया भूकंप, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी में दहशत

सिक्किम और उत्तर बंगाल इस समय दोहरी प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं। एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, तो दूसरी तरफ लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार तड़के सिक्किम में 4.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिसका असर दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और सिलीगुड़ी तक देखने को मिला।

13 बार हिली धरती, मची अफरा-तफरी जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ घंटों के भीतर सिक्किम में करीब 13 बार झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र ग्यालशिंग में जमीन से 10 किलोमीटर गहराई पर था। इस आपदा के समय करीब 3,000 पर्यटक बर्फबारी के कारण अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए थे, जिन्हें सेना और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू किया है। लेकिन लगातार आ रहे इन झटकों के कारण अब हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है।

उत्तर बंगाल पर बढ़ा खतरा मौसम विभाग और भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि सिलीगुड़ी सहित उत्तर बंगाल का हिस्सा अब ‘सिस्मिक ज़ोन 6’ की श्रेणी में आता जा रहा है। इसका मतलब है कि यह क्षेत्र अब पहले से कहीं ज्यादा संवेदनशील हो गया है। जानकारों का मानना है कि पहाड़ों में बड़े भूकंप के बाद ‘आफ्टरशॉक्स’ आने का सिलसिला लंबा चल सकता है, जो कमजोर इमारतों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

सिक्किम प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नेपाल और असम के कुछ हिस्सों में भी इन झटकों को महसूस किया गया है। प्रशासन की पैनी नजर अब पहाड़ों की बदलती भौगोलिक स्थिति पर है।

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