SIR लिस्ट पर बवाल: जलपाईगुड़ी के BDO का नाम ‘डिलीटेड’, क्या बीजेपी को फायदा पहुँचाने की है कोशिश?

पश्चिम बंगाल में नई मतदाता सूची (SIR) के जारी होते ही एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) प्रसेनजीत कुंडू, जो खुद मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया में AERO के पद पर तैनात थे, उनका अपना ही नाम अंतिम सूची से गायब है। शनिवार को प्रकाशित सूची में उनके नाम के आगे ‘डिलीटेड’ लिखा देख प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

प्रसेनजीत कुंडू अलीपुरद्वार विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। अलीपुरद्वार शहर के वार्ड नंबर ७ के बूथ संख्या १९२ में उनके माता-पिता और पत्नी का नाम तो लिस्ट में है, लेकिन बी़डीओ साहब का नाम हटा दिया गया है। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पुष्टि की कि उनका नाम सूची में नहीं है, लेकिन उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चुनाव आयोग का कहना है कि जिनका नाम कटा है, वे दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पूर्व टीएमसी सांसद पार्थप्रतिम राय ने सोशल मीडिया पर इस गड़बड़ी को ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव कराने वाले अधिकारी का ही यह हाल है, तो आम जनता का क्या होगा? राय ने आरोप लगाया कि भाजपा को चुनावी बढ़त दिलाने के लिए जानबूझकर लिस्ट में गड़बड़ियां की गई हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे केंद्र के इशारे पर किया गया काम बताया है। चुनाव से ठीक पहले एक सरकारी अधिकारी का नाम कटना अब बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद बन गया है।

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