एक ही ब्लॉक में दो नियम: किसी की जेब भरी, तो कोई दाने-दाने को मोहताज— देखें रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के बुनियादीपुर नगरपालिका क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था एक गंभीर संकट से गुजर रही है। यहाँ के माध्यमिक शिक्षा केंद्रों (MSK) के शिक्षक और कर्मचारी पिछले साल अक्टूबर महीने से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। ४ महीने बीत जाने के बाद भी वेतन का कोई अता-पता नहीं है, जिससे इन कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि ब्लॉक प्रशासन के अधीन काम करने वाले शिक्षकों को समय पर वेतन मिल रहा है, लेकिन नगरपालिका के तहत आने वाले कर्मचारी उपेक्षित हैं।

मामला तब बिगड़ा जब नवंबर २०२३ में करखा सारथी और चकसादुल्ला एमएसके को बुनियादीपुर नगरपालिका के अधीन किया गया। तब से वेतन में अनियमितता शुरू हो गई। वर्तमान में इन केंद्रों के ६ शिक्षक और कर्मचारी भुखमरी की कगार पर हैं। वेतन न मिलने के बावजूद उन्हें हर दिन स्कूल आना पड़ता है। करखा स्कूल में ९१ छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी मात्र ३ शिक्षकों के कंधों पर है। शिक्षकों की कमी और वेतन संकट के कारण स्कूलों में छात्रों की संख्या भी लगातार गिर रही है।

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