खामेनेई के बाद क्या बदलेगा ईरान? इजरायल-अमेरिका गठबंधन के बीच भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा अपडेट
पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब और भड़क गई है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में अब अमेरिका (USA) भी सीधे तौर पर कूद पड़ा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद इस क्षेत्र की भू-राजनीति पूरी तरह बदल गई है। इस भीषण संघर्ष के बीच इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिक खुद को सुरक्षित रखने के साथ-साथ शांति की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
बंकरों में कट रही जिंदगी तेलंगाना के निजामाबाद की रहने वाली सोमा रवि पिछले कई सालों से तेल अवीव में बुजुर्गों की देखभाल कर रही हैं। युद्ध की विभीषिका के बारे में सोमा बताती हैं, “हम सुरक्षित हैं और काम भी चल रहा है। बस जैसे ही सायरन बजता है, हमें तुरंत बंकर में जाना पड़ता है। १०-१५ मिनट बाद जब स्थिति सामान्य होती है, हम बाहर आ जाते हैं।” बार-बार बिगड़ते हालातों के बावजूद सोमा जैसे कई भारतीयों ने इजरायल छोड़ने का मन नहीं बनाया है।
ईरान में बदलाव की आस खामेनेई के बाद ईरान के भविष्य पर सोमा का कहना है कि वर्तमान सत्ता पक्ष ‘प्रतिशोध’ की बात कर रहा है, जिससे शांति की राह मुश्किल लग रही है। उनका मानना है कि यदि ईरान में विपक्ष सत्ता में आता है, तो न केवल ईरान के लोगों को आजादी मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति बहाल हो सकेगी। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य शक्ति के कारण आम लोगों के बीच सुरक्षा का अहसास तो है, लेकिन अनिश्चितता बरकरार है।
भारतीय दूतावास की सतर्कता इजरायल सरकार और भारतीय दूतावास लगातार वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं। मिसाइल और रॉकेट हमलों की चेतावनी के बीच गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जा रहा है। भारतीयों को हर पल सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या ईरान में सत्ता परिवर्तन होगा या यह युद्ध किसी विनाशकारी मोड़ पर जाकर रुकेगा।