ईरान के राष्ट्रपति भवन पर अमेरिकी मिसाइल हमला! महायुद्ध शुरू, क्या भारत में खत्म हो जाएगा तेल?

पश्चिम एशिया में छिड़ा संघर्ष अब भीषण रूप ले चुका है। युद्ध के चौथे दिन इजरायल और अमेरिकी गठबंधन ने ईरान की राजधानी तेहरान में राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमारत पर घातक हवाई हमले किए। इस भीषण हमले के बाद ईरान ने दुनिया को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अब लंबी जंग के लिए तैयार है और अमेरिका के साथ बातचीत की सारी गुंजाइश खत्म हो चुकी है।

व्हाइट हाउस ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ किया है कि अगले 24 घंटों में हमले और तेज होंगे और जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना ईरान में घुसकर ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ करेगी। अमेरिका का मुख्य निशाना ईरान की मिसाइल यूनिट और नौसेना है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला बोला है।

भारत की सबसे बड़ी चिंता: ईरान ने भारत को बड़ा झटका देते हुए ‘हॉर्मुज जलडমরूमध्य’ (Strait of Hormuz) को भारतीय तेल टैंकरों के लिए बंद कर दिया है। ईरान ने घोषणा की है कि यह रास्ता सिर्फ रूस और चीन के जहाजों के लिए खुला रहेगा। भारत अपनी जरूरत का 40% ईंधन इसी रास्ते से मंगवाता है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में केवल 50 दिनों का कच्चा तेल सुरक्षित है। इसमें 25 दिन का कच्चा तेल और 25 दिन का रिफाइंड तेल शामिल है। अगर हॉर्मुज का रास्ता जल्द नहीं खुला, तो भारत में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। फिलहाल 150 से ज्यादा तेल के जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं, जिससे पूरी दुनिया में सप्लाई चेन टूटने का खतरा पैदा हो गया है।

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