गर्मियों में सेहत का वरदान है सहजन! घर पर बनाएं पारंपरिक ‘बाटी चचड़ी’, स्वाद में लाजवाब
गर्मियों की शुरुआत के साथ ही बाजार में ताजी सहजन की फलियां (Sajne Data) नजर आने लगती हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सहजन न केवल एनीमिया को दूर करता है बल्कि इसमें मौजूद कैल्शियम और विटामिन सी जोड़ों के दर्द में भी रामबाण है। बंगाल की पारंपरिक रसोई में सहजन की फलियों से बनने वाली ‘बाटी चचड़ी’ (Bati Chorchori) एक ऐसी रेसिपी है, जो कम तेल-मसाले में सेहत और स्वाद दोनों का ख्याल रखती है।
सामग्री:
- सहजन की फली (10-12), कटे हुए आलू और बैंगन।
- सरसों का पेस्ट और कसा हुआ नारियल (2 बड़े चम्मच)।
- हरी मिर्च, हल्दी, नमक और थोड़ा सा सरसों का तेल।
बनाने का तरीका: एक स्टील के टिफिन बॉक्स में सभी सब्जियों को मसालों, नारियल और कच्चे सरसों के तेल के साथ अच्छी तरह मिला लें। थोड़ा सा पानी छिड़क कर टिफिन बंद कर दें। अब एक कढ़ाई में पानी गर्म करें और टिफिन को उसमें रखकर 20-25 मिनट तक भाप (Steam) में पकाएं। जब सब्जियां पक जाएं और सरसों के तेल की खुशबू आने लगे, तो इसे गर्म चावल के साथ परोसें। यह हल्का और पौष्टिक व्यंजन गर्मियों में पाचन के लिए भी बेहतरीन है।