सोने के भाव में भारी गिरावट! रिकॉर्ड ऊंचाई से 20% टूटा सोना, क्या 3000 डॉलर तक गिरेगा भाव?

साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अब सोने के बाजार में ‘अशुभ’ संकेत दिखने लगे हैं। साल की शुरुआत में 5,602 डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में अब तक लगभग 20% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह फिलहाल 4,495 डॉलर के स्तर पर आ गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि सोना अब ‘बियर मार्केट’ (Bear Market) की गिरफ्त में है और आने वाले दिनों में कीमतों में और भी बड़ी कटौती देखी जा सकती है।
क्या कहता है इतिहास? सोने की कीमतों में भारी उछाल के बाद बड़ी गिरावट का एक पुराना इतिहास रहा है। 1974-76 के दौरान सोने में 353% की तेजी आई थी, जिसके बाद इसकी कीमत 43% तक गिर गई थी। वहीं 1980 के दशक में 541% की भारी बढ़त के बाद बाजार 52% तक टूट गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो सोने के दाम अपने उच्चतम स्तर से 50% तक गिरकर 2800 या 3000 डॉलर के करीब पहुंच सकते हैं। हालांकि, 3600 डॉलर का स्तर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
गिरावट के मुख्य कारण: वर्तमान में सोने पर दबाव के पीछे दो प्रमुख कारण हैं—मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें। ईरान युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ी है। इसके कारण केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ रही हैं। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए निवेशक डॉलर और बॉन्ड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे सोने की मांग घट रही है।
निवेशकों के लिए सलाह: हालांकि लंबी अवधि के लिए विशेषज्ञ अभी भी सोने को लेकर सकारात्मक हैं, लेकिन अल्पकालिक (Short-term) निवेश फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अपने कुल पोर्टफोलियो का केवल 10-15% ही सोने में निवेश करें और किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।