चीन-ताइवान संघर्ष: 19 सैन्य विमानों और घातक युद्धपोतों के साथ चीन की दादागिरी, क्या शुरू होगा भीषण युद्ध?

ताइवान और चीन के बीच चल रहा तनाव अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार सुबह ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि चीन के 19 सैन्य विमान, 9 नौसैनिक जहाज और 2 सरकारी जहाज उनके द्वीप के चारों ओर मंडराते पाए गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 13 चीनी विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की ‘मीडियन लाइन’ (मध्य रेखा) को पार कर उत्तर, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी हवाई क्षेत्र (ADIZ) में घुसपैठ की है। ताइवान की सेना (ROC) इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

लगातार दूसरे दिन उकसावा: चीन की यह हरकत महज इत्तेफाक नहीं है। इससे पहले शनिवार को भी चीन के 15 सैन्य विमानों ने ताइवान की सीमा के करीब युद्धाभ्यास किया था। रिपोर्ट के अनुसार, चीन J-10 और J-16 जैसे घातक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर ताइवान की रक्षा प्रणाली को चुनौती दे रहा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर बताया कि उनकी सेना स्थिति की निगरानी कर रही है और उचित प्रतिक्रिया दी जा रही है।

ऐतिहासिक विवाद और वर्तमान स्थिति: चीन ‘वन चाइना पॉलिसी’ के तहत ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। 1949 के गृहयुद्ध के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच संप्रभुता को लेकर संघर्ष जारी है। ताइवान के पास अपनी स्वतंत्र सरकार, मुद्रा और सेना है, लेकिन चीन इसे एक विद्रोही प्रांत मानता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस तरह की सैन्य घुसपैठ के जरिए ताइवान को डराने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है।

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