विश्वकर्मा पुरस्कार की रेस में तेजपुर का नया मिलिट्री अस्पताल! दुश्मनों की बढ़ेगी टेंशन, सेना की ताकत हुई दोगुनी

उत्तर-पूर्वी भारत में तैनात भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। तेजपुर मिलिट्री स्टेशन में सेना का नया ‘155 बेस अस्पताल’ शुरू हो गया है। शुक्रवार को लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह ने इस आधुनिक अस्पताल का उद्घाटन किया। मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) द्वारा निर्मित यह अस्पताल पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात सैनिकों के लिए सबसे बड़ा और आधुनिक चिकित्सा केंद्र बनकर उभरा है।
चुनौतियों को मात देकर समय पर निर्माण: रक्षा मंत्रालय ने 2021 में 112.82 करोड़ रुपये के बजट के साथ इस अस्पताल को मंजूरी दी थी। कोरोना महामारी, दुर्गम इलाका और खराब मौसम जैसी तमाम बाधाओं के बावजूद इस प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया गया है। सेना के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि निर्माण कार्य में अतिरिक्त लागत (Overrun cost) नहीं आई।
रणनीतिक महत्व और अत्याधुनिक सुविधाएं: अब तक गंभीर चिकित्सा स्थितियों में जवानों को कोलकाता के कमांड अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी कीमती समय बर्बाद होता था। लेकिन अब तेजपुर का यह बेस अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और फ्रेंडली वार्डों से लैस है। इको-फ्रेंडली डिजाइन वाले इस अस्पताल के आने से ‘गजराज कोर’ (Gajraj Corps) का बुनियादी ढांचा और भी मजबूत हो गया है। इस शानदार प्रोजेक्ट को 2026 के ‘सीआईडीसी विश्वकर्मा पुरस्कार’ के लिए भी नामांकित किया गया है।