बंगाल चुनाव से पहले आयोग का बड़ा प्रहार! ८३ बीडीओ और एआरओ का एक साथ तबादला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने राज्य प्रशासन में एक और बड़ी सर्जरी की है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे शीर्ष पदों के बाद अब आयोग ने जमीनी स्तर पर चुनावी कमान संभालने वाले खंड विकास अधिकारियों (BDO) और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (ARO) पर कार्रवाई की है। रविवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात ८३ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।

यह फैसला पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है। आयोग के नियमों के मुताबिक, चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन अधिकारियों को हटाया जाता है जो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। इस तबादले की आंच उत्तर बंगाल के कूचबिहार और जलपाईगुड़ी से लेकर दक्षिण बंगाल के हुगली, हावड़ा और मेदिनीपुर तक पहुंची है। चुनाव आयोग का मानना है कि ब्लॉक स्तर पर निष्पक्षता बनाए बिना पारदर्शी मतदान संभव नहीं है।

बता दें कि १५ मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से ही बंगाल में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल देखा जा रहा है। इससे पहले मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को भी उनके पदों से हटा दिया गया था। फिलहाल दुष्यंत नारियाला राज्य के नए मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मतदान से ठीक पहले बीडीओ स्तर पर किए गए इस बदलाव से चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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