कोलकाता में उद्योगपति पवन रुइया गिरफ्तार! ₹315 करोड़ के साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने मंगलवार को कोलकाता के न्यू टाउन इलाके से प्रसिद्ध उद्योगपति पवन रुइया को गिरफ्तार कर लिया। उन पर ₹315 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप है। कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा उनकी अंतरिम सुरक्षा (Interim Protection) वापस लेने के कुछ ही घंटों बाद बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने यह कार्रवाई की।

क्या है पूरा मामला? पुलिस जांच में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट का खुलासा हुआ है:

  • निवेश के नाम पर ठगी: एक वरिष्ठ नागरिक को एक फर्जी निवेश ऐप के जरिए ₹93 लाख का चूना लगाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि यह पैसा 148 शेल कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के माध्यम से घुमाया गया था।
  • क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल: पुलिस का दावा है कि धोखाधड़ी की राशि का एक बड़ा हिस्सा (लगभग ₹170 करोड़) क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेशों में भेजा गया है।
  • देशव्यापी नेटवर्क: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े खातों के खिलाफ देशभर में 1,379 शिकायतें दर्ज हैं।

पवन रुइया को बुधवार को बिधाननगर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले नवंबर 2025 में इसी मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी राहुल वर्मा को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया था। पुलिस अब इस घोटाले की और गहराई से जांच कर रही है।

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