शेयर बाजार में ‘सुपर वेडनेसडे’! नए वित्त वर्ष के पहले दिन निवेशकों ने कमाए १० लाख करोड़ रुपये

वित्त वर्ष २०२७ का आगाज भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। पिछले साल के घाटे को पीछे छोड़ते हुए बुधवार को बाजार ने ऐसी छलांग लगाई कि निवेशकों की संपत्ति में महज कुछ घंटों के भीतर १० लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। वैश्विक बाजारों में आई हरियाली और ईरान-अमेरिका तनाव कम होने की खबरों ने भारतीय सूचकांकों को पंख लगा दिए।
बाजार का धमाकेदार प्रदर्शन: बुधवार को सेंसेक्स १,১৮৭ अंक (१.६५%) की बढ़त के साथ ७३,१३४.३२ के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी ३४८ अंक (१.५६%) चढ़कर २२,६७९.४० पर पहुंच गया। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी ३% तक की तेजी देखी गई। बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ४१२ लाख करोड़ से बढ़कर ४२२ लाख करोड़ रुपये हो गया।
क्यों आई यह जबरदस्त तेजी? इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त होने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वाशिंगटन अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर सैन्य हमले रोक सकता है। ईरान की ओर से भी बातचीत की इच्छा जताए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद जगी है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध का तनाव कम होने से पहले ही बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है।
सेक्टोरल अपडेट: बैंकिंग सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखी गई, निफ्टी बैंक इंडेक्स २.३३% ऊपर रहा। पीएसयू बैंक और मीडिया इंडेक्स में ३.७% की बढ़त दर्ज की गई। आईटी, मेटल और ऑटो सेक्टर भी २% से ज्यादा मजबूत हुए। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी भी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे घरेलू निवेशकों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है।