मालदा के कालियाचक में कोहराम! महिला मजिस्ट्रेटों की गाड़ियों पर हमला, सुकांत मजूमदार का ममता सरकार पर तीखा प्रहार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मालदा का कालियाचक इलाका एक बार फिर हिंसा और राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है। बुधवार को न्यायिक अधिकारियों (Judicial Officers) के एक समूह को घेरकर प्रदर्शन करने और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की घटना ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस घटना पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और भाजपा नेता दिलीप घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर अपराधियों को शह देने का आरोप लगाया है।
सुकांत मजूमदार ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया है। उन्होंने दावा किया कि केवल अधिकारियों को बंधक ही नहीं बनाया गया, बल्कि महिला मजिस्ट्रेटों की गाड़ियों पर पथराव और हमला भी किया गया। मजूमदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पुलिस अधीक्षक (SP) बचाव के लिए पहुंचे, तो उनकी मौजूदगी में भी भीड़ ने हमला जारी रखा। भाजपा का आरोप है कि नेशनल हाईवे-12 को जाम करना और न्यायिक अधिकारियों को निशाना बनाना एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे सत्ता पक्ष का समर्थन प्राप्त था।
वहीं, दिलीप घोष ने कहा कि कालियाचक की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां लंबे समय से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इन इलाकों में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। गौरतलब है कि बुधवार दोपहर से ही कालियाचक में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने घंटों तक सड़क जाम रखा, जिससे न्यायिक अधिकारी वहां फंस गए। भारी पुलिस बल ने आधी रात को मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हालांकि गुरुवार सुबह हाईवे से जाम हटा लिया गया है, लेकिन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और तनाव कम नहीं हुआ है। 2026 के चुनावों से ठीक पहले न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों पर यह हमला ममता सरकार के लिए बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन गया है। भाजपा ने इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठाने के संकेत दिए हैं।