IPL को हो रहा है हजारों करोड़ का नुकसान! ललित मोदी ने BCCI की गणित पर उठाए गंभीर सवाल!

आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी भले ही आज इस लीग से कोसों दूर हों, लेकिन उनकी पारखी नजर आज भी हर रिकॉर्ड और मुनाफे पर टिकी है। हाल ही में उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीसीसीआई और आईपीएल टीमें हर साल भारी राजस्व का नुकसान झेल रही हैं। मोदी के अनुसार, मौजूदा टूर्नामेंट का शेड्यूल आईपीएल की असली ब्रांड वैल्यू के साथ न्याय नहीं कर पा रहा है।

९४ मैचों का गणित और २४०० करोड़ का घाटा ललित मोदी ने समझाया कि जब लीग में दो नई टीमें जोड़ी गईं, तो मैचों की संख्या उसी अनुपात में बढ़नी चाहिए थी। फिलहाल एक सीजन में ७४ मैच होते हैं। मोदी का मानना है कि अगर सभी १० टीमें एक-दूसरे के खिलाफ ‘होम और अवे’ (Home & Away) आधार पर खेलतीं, तो मैचों की कुल संख्या ९४ होती। इन अतिरिक्त २० मैचों के न होने से बीसीसीआई को ब्रॉडकास्टिंग राइट्स से होने वाली लगभग २,४०० करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई का नुकसान हो रहा है।

टीमों को मिल रहा है कम हिस्सा आईपीएल के रेवेन्यू मॉडल के मुताबिक, कमाई का आधा हिस्सा बोर्ड के पास जाता है और बाकी आधा हिस्सा १० टीमों में बंटता है। ललित मोदी के हिसाब से, मैचों की कमी के कारण हर फ्रेंचाइजी को करीब १२० करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मैचों की संख्या बढ़ाई जाती, तो टीमों की ओवरऑल वैल्यू और प्रॉफिट मार्जिन काफी ऊपर जा सकता था।

वनडे क्रिकेट का भविष्य संकट में क्रिकेट के भविष्य पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि वनडे क्रिकेट अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। दर्शकों का रुझान अब केवल टेस्ट क्रिकेट और टी-२० की तरफ है। उन्होंने सलाह दी कि यदि समय की कमी थी, तो टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए थी। अब जबकि टीमें बढ़ गई हैं, तो मैचों की संख्या बढ़ाकर रेवेन्यू को अधिकतम करना ही समझदारी होगी।

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