बंगाल चुनाव 2026: क्या फिर खिलेगा कमल या बरकरार रहेगा दीदी का जादू? देखें ‘मैट्रिज’ सर्वे के आंकड़े!

अप्रैल के महीने में देश के पांच राज्यों के साथ-साथ सबकी नजरें अब पश्चिम बंगाल के हाई-वोल्टेज चुनावी दंगल पर टिकी हैं। क्या 2021 की तरह इस बार भी तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत से वापसी करेगी, या फिर बीजेपी बंगाल में सत्ता परिवर्तन का सपना पूरा कर पाएगी? चुनाव से ठीक पहले आए ‘मैट्रिज’ (Matrize) के मेगा ओपिनियन पोल ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। सर्वे के अनुसार, इस बार लड़ाई एकतरफा नहीं, बल्कि 148 के बहुमत के आंकड़े को छूने के लिए दोनों पक्षों को कड़ी मशक्कत करनी होगी।
आंकड़ों की मानें तो 294 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस 140 से 160 सीटें (43% वोट) हासिल कर सकती है, जबकि बीजेपी 130 से 150 सीटों (41% वोट) के साथ उनके बेहद करीब खड़ी है। वहीं, वामपंथी-कांग्रेस और अन्य के खाते में 8 से 16 सीटें जाने का अनुमान है। यह सर्वे साफ संकेत दे रहा है कि बंगाल में इस बार ‘कांटे की टक्कर’ होने वाली है।
इस कड़े मुकाबले के पीछे सबसे बड़ा कारण अल्पसंख्यक वोट बैंक में बिखराव माना जा रहा है। टीएमसी से अलग होकर हुमायूं कबीर की ‘आम जनता विकास पार्टी’ और असदुद्दीन ओवैसी की ‘एआईएमआईएम’ (AIMIM) का गठबंधन मुस्लिम बहुल सीटों पर तृणमूल को बड़ी चुनौती दे सकता है। अगर यह गठबंधन वोट काटने में सफल रहा, तो इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है। 2021 में करीब 48% वोट पाकर 215 सीटें जीतने वाली ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव साख की लड़ाई बन गया है।