नोएडा में मज़दूरों के भेष में देशविरोधी ताकतें! ४ मांगें मानने के बाद भी क्यों सुलग उठा शहर?

नोएडा में हाल ही में हुई मज़दूर हिंसा और आगजनी की घटना कोई मामूली विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि ‘पाकिस्तान प्रायोजित’ एक सोची-समझी साजिश है! उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को यह सनसनीखेज दावा किया है। हिंसा फैलाने के आरोप में पुलिस अब तक ३५० से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि १०० से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर नोएडा पिछले कुछ दिनों से अशांत था। सोमवार को करीब ४५ हजार मज़दूर सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। इस तनावपूर्ण स्थिति पर मंत्री राजभर ने कहा कि हाल ही में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। उनका आरोप है कि राज्य में अस्थिरता पैदा करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यक्रमों में बाधा डालने के लिए राष्ट्रविरोधी ताकतों ने इस भीड़ का फायदा उठाया है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, जब असली मज़दूर शांतिपूर्वक लौट रहे थे, तभी बाहरी लोगों के एक गुट ने जानबूझकर हिंसा भड़काई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। प्रशासन ने साफ किया है कि मज़दूरों की ५ में से ४ मांगें पहले ही मान ली गई हैं और बाकी के लिए कमेटी बना दी गई है। सरकार ने सख्त संदेश दिया है कि जायज मांगों पर चर्चा होगी, लेकिन हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।