ढाका से अचानक गायब हुईं 3 बड़ी हस्तियां! क्या बांग्लादेश में होने वाला है कोई बड़ा सियासी तख्तापलट?

ढाका से अचानक गायब हुईं 3 बड़ी हस्तियां! क्या बांग्लादेश में होने वाला है कोई बड़ा सियासी तख्तापलट?

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पर्दे के पीछे कुछ बहुत बड़ा और अभूतपूर्व घटने की आहट महसूस की जा रही है। महज तीन दिनों के भीतर ढाका से तीन बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली हस्तियों के अचानक विदेश रवाना होने से राजनीतिक व रणनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर 10 अक्टूबर को एमिरेट्स एयरलाइंस की उड़ान से ढाका से लंदन के लिए रवाना हुए। अभी इस खबर की चर्चा थमी भी नहीं थी कि इसके 24 घंटे के भीतर बांग्लादेश में तैनात भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी भी टर्किश एयरलाइंस से इस्तांबुल के लिए रवाना हो गए। हालांकि, इस बात को लेकर सस्पेंस बना हुआ है कि वह इस्तांबुल में ही रुके हैं या फिर वहां से पश्चिमी दुनिया के किसी अन्य प्रमुख शहर के लिए निकल गए हैं।

ढाका से कूटनीतिक हस्तियों की रवानगी का यह सिलसिला कुछ ही समय पहले शुरू हुआ था। बीते 9 अक्टूबर को बांग्लादेश में ब्रिटेन की उच्चायुक्त सारा कुक भी विमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट से काठमांडू के लिए रवाना हुई थीं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली और ढाका में बैठकों के दौर के बाद वह 4 अक्टूबर को अमेरिका गई थीं। उससे ठीक पहले वह 2 अक्टूबर को नई दिल्ली से ढाका पहुंची थीं। सारा कुक की यह यात्रा बांग्लादेशी सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां के अमेरिका दौरे के समय ही हुई है, जो अपनी दो देशों की यात्रा के हिस्से के रूप में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने के बाद अमेरिका पहुंचे हैं।

भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश सरकार में तारिक रहमान के बेहद करीबी सहयोगी माने जाने वाले हुमायूं कबीर का यह अचानक दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और बांग्लादेश के संबंध बेहद संवेदनशील और नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। तारिक रहमान की सरकार दोनों देशों के रिश्तों में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में मौजूदगी को सबसे बड़ा और अहम मुद्दा मानकर चल रही है।

सूत्रों के हवाले से नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने जानकारी दी है कि कबीर का ढाका छोड़ना बेहद अचानक और अप्रत्याशित था। विदेश मंत्रालय में उनके एक बड़े और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद थी, जहां उन्हें अपना संबोधन देना था। लेकिन उस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को छोड़कर कबीर अचानक लंदन के लिए रवाना हो गए। इसके साथ ही एक और दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। जिस दिन कबीर लंदन के लिए रवाना हुए, उसी दिन बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बीएनपी के सांसदों और मंत्रियों के साथ एक बहुत ही अहम बैठक बुलाई थी। कबीर का इस बैठक में मौजूद रहना तय माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने बैठक में शामिल होने के बजाय अचानक लंदन जाना चुना। दिनेश त्रिवेदी और हुमायूं कबीर की इन बैक-टू-बैक विदेश यात्राओं ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में कोई बड़ा कूटनीतिक मोड़ आ सकता है।

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