बंगाल CPM में बड़ी बगावत! प्रतीक उर रहमान का इस्तीफा, क्या चुनाव से पहले ढह जाएगा वामपंथ का किला?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच माकपा (CPM) एक गहरे आंतरिक संकट में घिर गई है। पार्टी के उभरते हुए युवा चेहरे और एसएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतीक उर रहमान ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिससे अलीमुद्दीन स्ट्रीट में खलबली मच गई है। इस विवाद को सुलझाने के लिए पार्टी अब ‘डैमेज कंट्रोल’ मोड में आ गई है। माना जा रहा है कि आगामी बुधवार को होने वाली राज्य सचिव मंडल की बैठक में केंद्रीय नेता एमए बेबी की मौजूदगी में इस मुद्दे पर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।

खबरों की मानें तो प्रतीक उर रहमान पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली और दक्षिण 24 परगना जिला समिति में अपनी अनदेखी से नाराज चल रहे थे। हाल ही में हुमायूँ कबीर और मोहम्मद सलीम की मुलाकात पर प्रतीक की सोशल मीडिया पोस्ट ने आग में घी डालने का काम किया। हालांकि, सुजन चक्रवर्ती और मीनाक्षी मुखर्जी जैसे नेता अभी भी प्रतीक को पार्टी की संपत्ति बता रहे हैं और उन्हें साथ रखने की वकालत कर रहे हैं।

प्रतीक उर रहमान ने फिलहाल किसी अन्य दल में शामिल होने की खबरों पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने इसे “पार्टी का आंतरिक मामला” बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले एक प्रभावशाली युवा नेता का जाना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। बुधवार की बैठक में तय होगा कि प्रतीक पार्टी के साथ रहेंगे या उनका रास्ता अलग होगा।

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