मरे हुए इंसान की हड्डी से मिला नया जीवन! आरजी कर अस्पताल ने रचा इतिहास, पूर्वी भारत का पहला सफल प्रत्यारोपण

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ने हड्डी प्रत्यारोपण (Bone Transplant) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उत्तर २४ परगना के ३१ वर्षीय मजदूर रिजउद्दीन मंडल के दाहिने पैर की ‘डिस्टल फीमर’ (जांघ की निचली हड्डी) को एक मृत व्यक्ति से ली गई हड्डी के जरिए सफलतापूर्वक पुनर्जीवित किया गया है। पूर्वी भारत में किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह का यह पहला सफल ‘ऑलोग्राफ्ट रिकंस्ट्रक्शन’ है।

२०२३ में एक दुर्घटना के बाद रिजउद्दीन का पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। डॉक्टरों के पास पैर काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था, लेकिन मरीज की कम उम्र को देखते हुए डॉक्टरों ने हड्डी प्रत्यारोपण का फैसला किया। इसके लिए लगभग २.४० लाख रुपये की विशेष हड्डी चेन्नई से मंगवाई गई, जिसका खर्च राज्य सरकार ने वहन किया। सर्जन डॉ. सुनीत हाजरा के नेतृत्व में १७ फरवरी २०२६ को यह जटिल सर्जरी की गई। अब रिजउद्दीन जल्द ही अपने पैरों पर वापस खड़े हो सकेंगे।

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