कर्ज लेने वालों के लिए बड़ी खबर! ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं, RBI सदस्य ने दिया भरोसा
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के सदस्य सौगत भट्टाचार्य ने राहत भरी खबर दी है। बुधवार को उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में रेपो रेट (ब्याज दरों) में बढ़ोतरी की संभावना ‘नगण्य’ यानी ना के बराबर है। फिलहाल रेपो रेट ५.२५ प्रतिशत पर स्थिर है और आरबीआई अपनी तटस्थ नीति जारी रखेगा।
महंगाई और विकास का संतुलन: सौगत भट्टाचार्य के अनुसार, हालांकि धातुओं और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) प्रभावित हो सकता है, लेकिन अर्थव्यवस्था में फिलहाल ओवरहीटिंग के कोई संकेत नहीं हैं। आरबीआई ने फरवरी २०२५ से अब तक दरों में १२५ बेसिस पॉइंट की कटौती की है। उन्होंने अनुमान लगाया कि २०२६-२৭ की पहली छमाही तक महंगाई दर ४ प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
कॉर्पोरेट और MSME सेक्टर में उछाल: रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंकों से कर्ज लेने की रफ्तार बढ़ी है। विशेष रूप से MSME सेक्टर में ऋण वृद्धि दर पिछले साल के १२ प्रतिशत से बढ़कर २९ प्रतिशत हो गई है। निजी निवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में भी सुधार दिख रहा है। कुल मिलाकर, आरबीआई विकास की गति को बनाए रखने के लिए ब्याज दरों को स्थिर रखने के पक्ष में है।