सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! अब सिर्फ पैसों से नहीं चलेगा काम, चाहिए ये जरूरी कागज

सोना खरीदने के शौकीनों और निवेशकों के लिए भारत सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। हॉलमार्किंग के दुरुपयोग को रोकने और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए अब देश भर में गोल्ड टैगिंग के नए नियम लागू किए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक को मिलने वाला सोना पूरी तरह शुद्ध और असली हो।

HUID कोड अब अनिवार्य: नए नियमों के तहत, हर सोने के आभूषण पर ६ अंकों का Hallmark Unique Identification (HUID) कोड होना अनिवार्य है। यह एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड (जैसे- A2B1C4) होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ज्वेलरी के लिए इस्तेमाल किया गया HUID कोड दोबारा किसी और गहने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ग्राहक ‘BIS CARE’ ऐप के जरिए इस कोड को स्कैन कर ज्वेलरी की शुद्धता की जांच खुद कर सकते हैं।

हॉलमार्किंग क्यों है जरूरी? ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा नियंत्रित हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता का प्रमाण है। अक्सर शिकायतें आती थीं कि ज्वेलर्स कम कैरेट का सोना बेचकर ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलते थे। हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से इस तरह की जालसाजी पर लगाम लगेगी और बाजार में पारदर्शिता आएगी।

खरीदारी के लिए नए नियम और सीमाएं: सरकार ने सोने की खरीदारी के लिए केवाईसी (KYC) नियमों को भी सख्त किया है:

  • २ लाख रुपये से अधिक की खरीदारी: इसके लिए पैन (PAN) कार्ड अनिवार्य है। साथ ही, २ लाख से ज्यादा का भुगतान नकद (Cash) में नहीं किया जा सकता।
  • ১০ लाख रुपये से अधिक की खरीदारी: अब केवल पैन कार्ड काफी नहीं होगा। ग्राहक को आधार कार्ड के साथ-साथ अपनी आय का प्रमाण (Income Proof) भी देना होगा।

इन कड़े नियमों का उद्देश्य बुलियन मार्केट में जवाबदेही तय करना और काले धन पर रोक लगाना है। अब सोना खरीदते समय केवल डिजाइन ही नहीं, बल्कि उस पर अंकित HUID कोड की जांच करना भी आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

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