इंडस्ट्रियल डीजल २५% महंगा! थोक ग्राहकों को झटका, लेकिन आम जनता के लिए कीमतें स्थिर

मध्य पूर्व में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। मंगलवार, ७ अप्रैल २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड ११०.१९ डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्लूटीआई ११३.३१ डॉलर पर कारोबार कर रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका और डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों ने तेल की कीमतों में आग लगा दी है।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती से मिली राहत वैश्विक संकट के बावजूद, भारत सरकार ने मार्च के अंत में एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में भारी कटौती की थी। डीजल पर ड्यूटी १० रुपये से घटाकर शून्य और पेट्रोल पर १३ रुपये से घटाकर ३ रुपये कर दी गई है। यही कारण है कि आज देश के प्रमुख महानगरों में आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में आज के दाम (७ अप्रैल, २०२६):
- कोलकाता: पेट्रोल १०৫.৪১ रुपये, डीजल ৯২.০২ रुपये प्रति लीटर।
- दिल्ली: पेट्रोल ৯৪.৭৭ रुपये, डीजल ৮৭.৬৭ रुपये प्रति लीटर।
- मुंबई: पेट्रोल ১০৩.৫৪ रुपये, डीजल ৯০.০৩ रुपये प्रति लीटर।
इंडस्ट्रियल डीजल और प्रीमियम पेट्रोल पर मार हालांकि, आम जनता को राहत मिली है लेकिन औद्योगिक और थोक ग्राहकों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। तेल कंपनियों ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में २५% की बढ़ोतरी की है, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत १०৯.৫৯ रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा, प्रीमियम पेट्रोल (जैसे XP95) की कीमतों में भी २ रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी बदलाव किए गए हैं ताकि एयरलाइन सेक्टर पर दबाव कम किया जा सके।