वोटर लिस्ट सुधार के लिए जजों की फौज! सोमवार से 150 जज संभालेंगे ‘SIR’ की कमान, छुट्टियां रद्द
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची (SIR) की विसंगतियों को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने निर्देश दिया है कि सोमवार से जिला न्यायिक अधिकारी सक्रिय रूप से डेटा सत्यापन के काम में जुट जाएं। इसके सुचारू संचालन के लिए हर जिले में एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें जिला जज, जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल होंगे।
इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए लगभग 150 सत्र न्यायाधीशों (Session Judges) की तैनाती की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी जिला अदालतों के जजों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तत्काल काम पर लौटने को कहा गया है। आज रविवार सुबह 11:30 बजे उत्तर कोलकाता के जेसप भवन में चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों और जजों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक होगी, जिसमें सुनवाई की प्रक्रिया और समय सीमा तय की जाएगी।
नियमित अदालती कार्यवाही प्रभावित न हो, इसके लिए जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस अरिजीत बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग प्रशासनिक कमेटी भी बनाई गई है। शनिवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और डीजीपी पीयूष पांडे भी मौजूद थे। अब सोमवार से जजों की सीधी निगरानी में मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने का काम शुरू होगा।