आधी रात पाकिस्तान का हवाई हमला! अफगानिस्तान में बिछ गई लाशें, क्या शुरू होने वाला है महायुद्ध?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार की रात पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अफगान सीमा में घुसकर भीषण बमबारी की। इस एयरस्ट्राइक में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया है। पाकिस्तान का दावा है कि इस हमले में कम से कम १७ खूंखार आतंकी मारे गए हैं। यह कार्रवाई इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हुए हालिया आत्मघाती हमले का सीधा जवाब मानी जा रही है।
६ फरवरी को इस्लामाबाद के तारलाई कलान इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें ३१ बेगुनाह नमाजियों की जान चली गई थी। हालांकि आईएसआईएस ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, लेकिन पाकिस्तान का मानना है कि इस हमले के तार अफगानिस्तान में बैठे टीटीपी नेतृत्व से जुड़े हैं। इसी ‘रक्तपात’ का हिसाब चुकता करने के लिए पाकिस्तानी सेना ने ‘ऑपरेशन’ को अंजाम दिया।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के अनुसार, यह एक ‘इंटेलिजेंस-आधारित’ और सटीक सैन्य कार्रवाई थी। रात के अंधेरे में किए गए इस हमले में नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में टीटीपी के ट्रेनिंग कैंपों और छिपने के ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान के भीतर होने वाले हालिया हमलों की योजना इन्हीं ठिकानों से बनाई गई थी।
दूसरी ओर, तालिबान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया है। अफगान सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी विमानों ने रिहायशी इलाकों और मदरसों को भी निशाना बनाया है, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक हताहत हुए हैं। नांगरहार के बेहसूद जिले से ऐसी खबरें आ रही हैं कि एक ही परिवार के १९ लोग मलबे में दब गए हैं।
तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वे उचित समय पर इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। डूरंड लाइन पर बढ़ता यह तनाव अब पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन गया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से आतंकी पनाहगाहों और सीमा विवाद को लेकर तकरार जारी है, जो अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ती दिख रही है।