सावधान! आपकी नौकरी ही नहीं, आपका पानी भी ‘पी’ रहा है AI; चौंकाने वाला खुलासा
अब तक दुनिया इस बात से डरी हुई थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों की नौकरियां छीन लेगा। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक और भी गंभीर खतरे की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, AI न केवल रोजगार बल्कि हमारे प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर पीने के पानी पर भी कब्जा कर रहा है। ‘एनवायर्नमेंटल एंड एनर्जी स्टडी इंस्टीट्यूट’ की एक ताजा रिसर्च से पता चला है कि AI डेटा सेंटर्स को ठंडा रखने के लिए हर दिन लाखों लीटर शुद्ध पानी (Fresh Water) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आंकड़ों की मानें तो एक बड़ा डेटा सेंटर हर दिन लगभग १.९ करोड़ लीटर पानी की खपत करता है। यह मात्रा इतनी है कि १.२० लाख आबादी वाले एक शहर की प्यास बुझाई जा सके। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं ने हिसाब लगाया है कि जब आप AI को महज १०० शब्दों का एक प्रॉम्प्ट देते हैं, तो उसे प्रोसेस करने में लगभग ५०० मिलीलीटर (आधा लीटर) पानी खर्च हो जाता है। अनुमान है कि २०२६ तक इन डेटा सेंटर्स की सालाना पानी की जरूरत १.२ लाख करोड़ लीटर तक पहुंच जाएगी। मशीनरी को खराब होने से बचाने के लिए कंपनियां केवल शुद्ध पानी का ही उपयोग करती हैं। नौकरी की चिंता के बाद अब AI का यह ‘प्यासा’ रूप मानवता के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है।