बंगाल में मतुआ वोटों पर बड़ा प्रहार? ‘९० प्रतिशत नाम कटे’, ममताबाला ठाकुर का सड़क पर उतरने का ऐलान!

पश्चिम बंगाल में शनिवार को जैसे ही मतदाता सूची (SIR) की अंतिम सूची जारी हुई, मतुआ समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। तृणमूल कांग्रेस की सांसद ममताबाला ठाकुर ने आरोप लगाया है कि मतुआ बहुल इलाकों में ९० प्रतिशत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इस ‘साजिश’ के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

शांतनु ठाकुर पर हमला: सांसद ममताबाला ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “बीजेपी ने वादा किया था कि मतुआ समुदाय को कोई आंच नहीं आएगी। लेकिन आज हजारों मतुआ फोन करके रो रहे हैं कि उनका नाम काट दिया गया है। शांतनु ठाकुर अब पल्ला झाड़ रहे हैं और कह रहे हैं कि यह चुनाव आयोग का मामला है। उन्हें अपना इलाज कराना चाहिए।” उन्होंने बताया कि बगदा जैसे इलाकों में ६६ प्रतिशत मतुआ वोट थे, जिनमें से १४ हजार नाम हटा दिए गए हैं।

विधायक मधुपर्णा का तीखा प्रहार: बागदा की विधायक और ठाकुरबाड़ी की सदस्य मधुपर्णा ठाकुर ने संवैधानिक सवाल खड़े करते हुए कहा, “अकेले बागदा में १४ हजार से ज्यादा वोट काटे गए हैं और १३ हजार से अधिक नामों को ‘अंडर एडज्यूडिकेशन’ में रखा गया है। अगर मतुआ समुदाय का वोट अवैध है, तो उसी वोट से चुने गए प्रधानमंत्री भी अवैध हैं।” उन्होंने साफ कर दिया कि मतुआ समुदाय इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा और जल्द ही सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होगा।

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