ईरान के शीर्ष नेता की मौत पर मोदी सरकार चुप! सोनिया गांधी ने संसद में चर्चा की मांग उठाई
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खमेनेई की हत्या को लेकर भारत में सियासी पारा चढ़ गया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में खमेनेई की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘चिंताजनक’ करार दिया है। सोनिया गांधी ने एक लेख के जरिए केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत और ईरान के संबंध सदियों पुराने हैं, लेकिन इस वैश्विक संकट पर भारत का कुछ न बोलना देश की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर एक विदेशी नेता की हत्या की गई, लेकिन भारत की संप्रभुता और नैतिकता इस पर मौन है। कांग्रेस ने मांग की है कि 9 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे भाग में इस मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा की जाए।
मोदी की इजरायल यात्रा और हमला: गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी 26 फरवरी को इजरायल यात्रा से लौटे थे और 27 फरवरी को तेहरान पर मिसाइल हमला हुआ। सोनिया गांधी ने लिखा है कि किसी देश के सर्वोच्च नेता की इस तरह हत्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बिखरते स्वरूप को दर्शाती है। कांग्रेस इस ‘विचलित करने वाली चुप्पी’ के खिलाफ संसद में मोर्चा खोलने को तैयार है।