पालकी पर आगमन, गज पर विदाई! क्या 2026 की बसंती पूजा लाएगी प्राकृतिक आपदा? जानें ज्योतिषीय गणना

बसंत ऋतु के साथ ही देवी दुर्गा के आदि रूप ‘मां बसंती’ की पूजा का समय आ गया है। इस साल 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो चुकी है और 24 मार्च को महाषष्ठी मनाई जाएगी। हालांकि, ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल मां दुर्गा का आगमन ‘पालकी’ पर हो रहा है, जिसे शास्त्रों में बहुत शुभ नहीं माना जाता।
पालकी पर आगमन का फल: ज्योतिषियों के अनुसार, जब देवी पालकी पर आती हैं, तो देश में राजनीतिक अस्थिरता, वैचारिक मतभेद और बीमारियां बढ़ने की संभावना रहती है। इसके साथ ही बेमौसम बारिश और शिलवृष्टि जैसे प्राकृतिक प्रकोप भी देखे जा सकते हैं। राहत की बात यह है कि देवी की विदाई गज (हाथी) पर होगी, जो सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक है। गज पर प्रस्थान पालकी के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद करेगा।
बचाव के उपाय: शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ और उपवास रखने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। 27 मार्च को महानवमी के साथ रामनवमी मनाई जाएगी, जो समाज में सकारात्मकता और शांति लेकर आएगी। सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा हर संकट को टालने में सक्षम है।