शेयर बाजार में आया तूफान! एक दिन में निवेशकों की चांदी, १३ लाख करोड़ की संपत्ति बढ़ी, सेंसेक्स २००० पॉइंट उछला!

नया वित्त वर्ष भारतीय शेयर बाजार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। बुधवार, १ अप्रैल की सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों ने खरीदारी की झड़ी लगा दी, जिससे प्रमुख सूचकांकों में ऐतिहासिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स करीब २००० अंक या २.८% की बढ़त के साथ ७३,९६५ के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ५० ने भी ६०० अंकों की लंबी छलांग लगाकर २२,९४१ का स्तर छू लिया, जो करीब २.७% की वृद्धि दर्शाता है।

बाजार की इस चौतरफा तेजी में बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी पीछे नहीं रहे और ४% तक चढ़ गए। इस जबरदस्त उछाल के कारण निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में १३ लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ४१२ लाख करोड़ रुपये से बढ़कर ४२५ लाख करोड़ रुपये हो गया है।

तेजी के पीछे के मुख्य कारण: बाजार में इस रिकवरी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने की उम्मीद है। डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर सैन्य अभियान रोक सकता है। २८ फरवरी से जारी इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, जिससे अब राहत मिलने की उम्मीद है।

वैश्विक संकेत और डॉलर की स्थिति: भारतीय बाजार को वैश्विक संकेतों से भी मजबूती मिली। दक्षिण कोरिया का बाजार ७% और जापान व ताइवान के बाजार ४% तक उछले। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का १०० के नीचे गिरना और बॉन्ड यील्ड का ४.२९३% पर आना विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए सकारात्मक संकेत है।

तकनीकी नजरिया: मार्च के महीने में निफ्टी में आई ११.३% की गिरावट के बाद कई फंडामेंटल मजबूत शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध थे। इसे ‘वैल्यू बाइंग’ का अवसर मानते हुए निवेशकों ने जमकर लिवाली की। तकनीकी रूप से निफ्टी ने २२,८०० के कड़े रेजिस्टेंस को पार कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी २४,००० के स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो आने वाले समय में हमें और भी बड़ी रैली देखने को मिल सकती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *