सिगरेट का कश पड़ेगा महंगा! मेट्रो स्टेशन पर धूम्रपान करने पर अब 8 गुना ज्यादा देना होगा जुर्माना

मेट्रो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। अब मेट्रो परिसरों में नियम तोड़ना आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने ‘जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026’ के जरिए मेट्रो के पुराने नियमों और जुर्माने की राशि में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में यह बिल पेश करते हुए संकेत दिया कि अब स्टेशन पर हंगामा करना या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शराब और धूम्रपान पर सख्त कार्रवाई अब तक मेट्रो परिसर में नशे की हालत में पाए जाने पर केवल 500 रुपये का जुर्माना लगता था। नए विधेयक के अनुसार, इसे बढ़ाकर 2,000 से 5,000 रुपये तक किया जा रहा है। साथ ही यात्री को जबरन स्टेशन से बाहर निकाला जा सकता है। धूम्रपान के शौकीनों के लिए भी बुरी खबर है; मेट्रो के अंदर या स्टेशन पर सिगरेट पीने पर अब 250 रुपये के बजाय सीधे 2,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
मेट्रो ट्रैक पर उतरने पर 20 हजार का फाइन बिना अनुमति मेट्रो ट्रैक पर उतरना या वहां चलना अब तक 500 रुपये का जुर्म था, जिसे अब बढ़ाकर सीधे 20,000 रुपये किया जा रहा है। मेट्रो प्रशासन का मानना है कि इससे ट्रैक पर होने वाले हादसों और सुसाइड की कोशिशों पर लगाम लगेगी।
प्रदर्शन और पोस्टरबाजी पर भी नकेल मेट्रो स्टेशनों पर धरना देने या पोस्टर चिपकाने पर अब जेल के बजाय भारी जुर्माना लगाने की तैयारी है। वर्तमान में इसके लिए 1,000 रुपये या जेल की सजा का प्रावधान है, जिसे केंद्र सरकार 10,000 रुपये के जुर्माने में बदलना चाहती है। सरकार का उद्देश्य छोटे अपराधों के लिए जेल की सजा को कम कर वित्तीय दंड को प्रभावी बनाना है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।